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Loksabha Election Result 2024: बेटे को जितानें में फेल हुआ अशोक गहलोत का गणित, बेटा हारा तो साधारण कार्यकर्ता को बना दिया सांसद

Loksabha Election Result 2024: जालौर। राजस्थान में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने आखिरकार 10 साल का सूखा समाप्त करते हुए खाता खोल लिया है। यहां कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने 11 सीटों पर जबरदस्त जीत हासिल की है। वहीं,...
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Loksabha Election Result 2024: जालौर। राजस्थान में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने आखिरकार 10 साल का सूखा समाप्त करते हुए खाता खोल लिया है। यहां कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने 11 सीटों पर जबरदस्त जीत हासिल की है। वहीं, बीजेपी के जीत का रथ 14 सीटों पर ही रोक दिया गया। अब राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद हर सीट के हिसाब से जीत का आंकलन किया जाएगा और जीत का सेहरा बांधने के लिए नेताओं के सिर तलाशे जाएंगे।

दरअसल, सूबे में इस बार पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा की रणनीति सचिन पायलट का दमखम वाला प्रचार और अशोक गहलोत की रणनीतिक सूझबूझ कांग्रेस के (Loksabha Election Result 2024) लिए कारगर साबित हुई।

हालांकि, गहलोत अधिकांश समय अपने बेटे की सीट जालौर-सिरोही पर चुनाव अभियान में मशगूल रहे। आज जब चुनावों के नतीजे सामने हैं तो पायलट से लेकर डोटासरा तक हर किसी के नाम कुछ जीत दर्ज हैं। अशोक गहलोत के खाते में भी राजस्थान और बाहर कुछ न कुछ जरूर आया है।

बता दें कि गहलोत को राजस्थान ने जरूर निराश किया है लेकिन उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से उनको खुशी मिली है। यहां जालौर-सिरोही (Loksabha Election Result 2024) से उनके बेटे लगातार दूसरी बार हारे ऐसे में गहलोत के लिए आज का दिन थोड़ी खुशी-थोड़ा गम वाला रहा।

मालूम हो कि गहलोत ने ही अमेठी में पूरा चुनावी मैनेजमेंट संभाला था। यहां स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने हराकर पूरे देश को चौंका दिया। ईरानी इस बार 1.30 लाख वोटों से हारी हैं।

बेटे के लिए नहीं चला गहलोत का जादू!

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जालोर-सिरोही (Loksabha Election Result 2024) सीट से चुनावी मैदान में थे। यहां वैभव गहलोत 201543 वोटों से हार गए। इस सीट पर बीजेपी के लुंबाराम चौधरी को 796783 वोट मिले।

वहीं, वैभव को 595240 वोट मिले। वैभव गहलोत के चुनाव में गहलोत ने पूरी मशीनरी जालौर में उतार दी थी। इसके बावजूद वह अपने बेटे को जीत नहीं दिला पाए। गहलोत ने अपने बेटे के लिए खुद पूरी ताकत से चुनाव लड़ा लेकिन जनभावना पहले दिन से लुंबाराम चौधरी के साथ थी। इसके बाद आज इतने बड़े मार्जिन से वैभव हार रहे हैं।

अमेठी के लाल को पहुंचा दिया लोकसभा

वहीं दूसरी तरफ जिस अमेठी में अशोक गहलोत को सीनियर ऑव्जर्बर बनाकर भेजा गया था वहां कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा (Loksabha Election Result 2024) ने मोदी सरकार की कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी को पटखनी दी है। ईरानी इस सीट पर 1.60 लाख वोट से हारी हैं। गहलोत ने अमेठी में भी बखूबी चुनावी मैनेजमेंट किया और अपनी पूरी टीम अमेठी में उतार दी। कई दिन वहां कैंप कर केएल शर्मा के लिए रणनीति बनाई।

मालूम हो कि इससे पहले जब-जब कांग्रेस ने गहलोत को फंसी हुई जगहों पर जिम्मेदारी दी है उन्होंने खुद को साबित किया है। चाहे गुजरात हो, कर्नाटक हो या फिर अब अमेठी। गौरतलब है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल के निधन के बाद गहलोत इस मोर्चे पर पार्टी के पास आज की तारीख में सबसे मजबूत उम्मीदवार के तौर पर हैं। (Loksabha Election Result 2024)

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