Tonk: ईसरदा बांध के काम पर ब्रेक...मौजूदा DLC पर मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे डूब क्षेत्र के किसान !
Tonk News: टोंक के ईसरदा बांध के निर्माण कार्य पर फिर ब्रेक लग गया है। बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले किसान उचित मुआवजा देने और खेतों से मिट्टी नहीं उठाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। (Tonk News) इस बीच प्रशासन ने कई बार किसानों को समझाने की कोशिश की। मगर किसान अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही धरना प्रदर्शन समाप्त करने पर अडिग हैं।
उप चुनाव से पहले किसान का धरना प्रदर्शन
टोंक के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में 13 नवंबर को उप चुनाव होने हैं। इससे पहले यहां ईसरदा बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पिछले दो दिन से मालियों की ढाणी में धरना दिया जा रहा है ।किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा -19 और अवार्ड में एक साल से ज्यादा समय लग चुका है। ऐसे में अब साल 2014 की जगह वर्तमान की डीएलसी(DLC) रेट से सम्पत्ति और परिसम्पतियों का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा किसान खेतों से मिट्टी नहीं उठाने की मांग भी कर रहे हैं।
मौजूदा DLC रेट पर मुआवजा मांग रहे किसान
टोंक जिले के बनेठा क्षेत्र में निर्माणाधीन ईसरदा बांध दौसा और सवाई माधोपुर सहित तीन जिलों की लाइफ लाइन बनेगा। मगर इससे पहले यहां विरोध के स्वर उठने से बांध के निर्मााण कार्य पर ब्रेक लग गया है। किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी और धरना दे रहे कैलाशी, कमला, रूक्मिणी, मोरपाल सैनी, तेजपाल, जगदीश, श्योजी, अम्बालाल, रामनारायण, कैलाश, श्योजी, किशन, गणेश ने बताया कि किसानों की तीन प्रमुख मांग हैं- मौजूदा DLC रेट पर मुआवजा, उनके खेतों से मिट्टी ना उठाई जाए, फसलों को समाप्त ना किया जाए।
प्रशासन ने की वार्ता, लिखित आश्वासन पर अडे किसान
किसानों का कहना है कि प्रशासन ने उनसे वार्ता की है। उनियारा तहसीलदार भी समझाने पहुंचे। मगर किसान तीनों मांगों पर लिखित आश्वासन देने की मांग कर रहे हैं। जब तक प्रशासन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इधर, किसानों के धरना प्रदर्शन के चलते ईसरदा बांध के निर्माण कार्य पर भी ब्रेक लग गया है।
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