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Sanchore: विदेशी परिंदों को पसंद सांचौर का गलीफा ! फ्लेमिंगो-कुरंजा ने डाला डेरा...बर्ड सेंचुरी बने तो पर्यटन को लगें पंख

Sanchore News: सांचौर के गलीफा का रणखार इलाका इन दिनों विदेशी परिंदों से गुलजार है। यहां साइबेरियन क्रेन कुरंजा और फ्लेमिंगो की अठखेलियां कर रहे हैं। (Sanchore News) ग्रामीणों के मुताबिक यह इलाका विदेशी परिंदों को बेहद पसंद है। यही...
01:36 PM Oct 21, 2024 IST | Prakash Lol Sanchore

Sanchore News: सांचौर के गलीफा का रणखार इलाका इन दिनों विदेशी परिंदों से गुलजार है। यहां साइबेरियन क्रेन कुरंजा और फ्लेमिंगो की अठखेलियां कर रहे हैं। (Sanchore News) ग्रामीणों के मुताबिक यह इलाका विदेशी परिंदों को बेहद पसंद है। यही वजह है कि बारिश के बाद झील में पानी आते ही यहां बड़ी संख्या में विदेशी परिंदे डेरा डाल लेते हैं। अगर इस जगह को बर्ड सेंचुरी के तौर पर डेवलप किया जाए, तो यह जगह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

विदेशी परिंदों को रास आ रहा रणखार का गलीफा

रणखार क्षेत्र सांचौर के नैहड़ क्षेत्र के चितलवाना तहसील के गलीफा में है। जहां बारिश के पानी से एक झील बन जाती है।इस झील में हर साल की तरह इस बार भी प्रवासी पक्षी साइबेरियन क्रेन कुरंजा और फ्लेमिंगो हजारों की तादाद में पहुंचे हैं। पक्षी झील में अठखेलियां कर ग्रामीणों को लुभा रहे हैं। इसके साथ ही इस इलाके में हिरण, खरगोश, नीलगाय जैसे वन्यजीव भी अच्छी तादाद में हैं। जिससे गलीफा के रणखार को अब बर्ड सेंचुरी के तौर पर डेवलप किए जाने की मांग उठ रही है।

गलीफा दे सकता सांचौर जिले को नई पहचान

ग्रामीणों का कहना है कि सांचौर का नेहड़ क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। मगर यहां का रणखार का गलीफा विदेशी परिंदों को बेहद पसंद है। हर साल हजारों पक्षी यहां बारिश के पानी से बनी झील के आसपास डेरा डालते हैं। अगर इस झील में बारह महीनों पानी रहे, तो पक्षियों की तादाद में इजाफा हो सकता है। इस इलाके को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने से सांचौर जिले को नई पहचान मिल सकती है।

बर्ड सेंचुरी के लिए क्यों उपयुक्त है गलीफा?

गलीफा को सभी तरह से बर्ड सेंचुरी के लिए उपयुक्त बताया जा रहा है। यह जगह लूणी बेसिन एरिया है। यहां से सांचौर, बाड़मेर के लिए सीधा रास्ता है, गुजरात सीमा भी नजदीक है। ऐसे में लोकेशन के लिहाज से भी अगर इसे पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जाता है, तो पर्यटकों का पसंदीदा स्थान बन सकता है। इसके अलावा आर्द्र भूमि होने से पक्षियों के लिए यहां पर्याप्त भोजन-पानी और जमीन है।

ग्रामीणों के मुताबिक झील में बारिश का पानी 8 महीने तो भरा ही रहता है, चार महीने के लिए इस झील में नर्मदा नहर से पानी लिफ्ट किया जा सकता है। वहीं लूणी और सूकड़ी नदी से भी पानी का इंतजाम हो सकता है। यहां वन विभाग के पास हजारों बीघा जमीन भी है। ग्रामीणों का कहना है कि सभी तरह से गलीफा पर्यटन स्थल बनाने के लिए उपयुक्त स्थान है।

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