राजस्थानराजनीतिनेशनलअपराधकाम री बातम्हारी जिंदगीधरम-करममनोरंजनखेल-कूदवीडियोधंधे की बात

Rajasthan: सुप्रीम कोर्ट ने 'आदमखोर' तेंदुए को मारने के आदेश को खारिज किया... क्या है इसके पीछे का सच?

Rajasthan Supreme Court: राजस्थान के उदयपुर में 'आदमखोर' तेंदुए को गोली मारने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट (Rajasthan Supreme Court)  ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में जस्टिस भूषण आर गवई, जस्टिस के वी विश्वनाथन और जस्टिस...
04:19 PM Oct 03, 2024 IST | Rajesh Singhal

Rajasthan Supreme Court: राजस्थान के उदयपुर में 'आदमखोर' तेंदुए को गोली मारने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट (Rajasthan Supreme Court)  ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में जस्टिस भूषण आर गवई, जस्टिस के वी विश्वनाथन और जस्टिस प्रशांत मिश्र की बेंच के सामने दलील दी कि आदमखोर तेंदुए की पहचान कैसे की जाएगी और इससे बाघों को भी खतरा हो सकता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि लोग बंदूकें लेकर जंगल में घूम रहे हैं, जबकि उन्हें ट्रैंक्विलाइजर गन रखनी चाहिए। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि वह सुनिश्चित करे कि तेंदुओं को मारा न जाए।

तेंदुए ने 7 लोगों की जान ली है

राजस्थान के अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने राज्य और वन विभाग की ओर से अदालत में कहा, "यह आदेश राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की गाइडलाइन के अनुसार था। तेंदुआ पहले ही 7 लोगों की जान ले चुका है। उसने पहले इंसानों के हाथ काटे हैं और फिर गर्दन पर हमला करके उनकी जान ले ली है। जनता खौफ में है। इसलिए शूट एट साइट का फैसला जरूरी था।

राज्य का आश्वासन

एएजी ने अदालत में बताया, "उदयपुर के जिस गांव में तेंदुआ घूम रहा है, उसकी पहचान कर ली गई है। विभागीय आदेश में भी लिखा गया है कि पहले तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की जाएगी। केवल अंतिम उपाय के तौर पर ही उसे शूट किया जाएगा।

हाई कोर्ट जाने की मिली छूट

सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति पर विचार करने के बाद याचिका पर संविधान के आर्टिकल-32 के तहत विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता अजय दुबे को यह छूट दी कि यदि वे चाहें तो राजस्थान हाई कोर्ट जा सकते हैं

यह भी पढ़ें:किरोड़ी की आवाज में दबा सच्चाई का राज... क्या सीएम हैं वास्तव में 'मगरमच्छों' से डरते?

यह भी पढ़ें:Bhilwara: पदयात्रा में नाचते-गाते चल रहे थे भक्त...बिजली लाइन तक पहुंच गया ध्वज, एक की मौत

Tags :
Adamkhor Leopard Rajasthan Wildlife ProtectionAnimal RightsForest Department ResponseHuman-Wildlife ConflictLegal Action in RajasthanNTCA Guidelinespublic safetySupreme court DecisionUdaipur Leopard Controversy
Next Article