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Pali: दलित दंपति को 15 साल बाद मिला न्याय! जमीन कब्जाने पर 3 आरोपियों को 3 साल की सजा

Pali News: (जय थवानी) आपने सुना होगा कि न्याय के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं है, अगर कानूनी दांवपेचों का सही समय पर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो न्याय की राह आसान हो जाती है. राजस्थान के...
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Pali News: (जय थवानी) आपने सुना होगा कि न्याय के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं है, अगर कानूनी दांवपेचों का सही समय पर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो न्याय की राह आसान हो जाती है. राजस्थान के पाली से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एससी-एसटी काेर्ट ने एक जमीन विवाद मामले में 15 साल बाद फैसला सुनाकर बुजुर्ग दंपत्ति के साथ न्याय किया है.

जानकारी के मुताबिक विशिष्ट न्यायाधीश निहालचंद जैन ने दलित दंपति की जमीन पर कब्जा करने और जातिगत प्रताड़ना के तीन आरोपियों को 3-3 साल की सजा सुनाई है. वहीं शहर के शिवपुरा क्षेत्र के झूपेलाल गांव में उस जमीन से कब्जा हटाकर पीड़ित दंपति को दिलवाने के लिए कलेक्टर को भी आदेश जारी कर दिया गया है.

3 आरोपियों को 15 साल बाद सजा 

इस मामले में झूपेलाल निवासी गाेपालसिंह पुत्र डूंगर सिंह, जाेधपुर के गुड़ा वीश्नाेइयान निवासी पेमाराम विश्नाेई पुत्र काेजाराम और हनुमानराम पुत्र माधूराम विश्नाेई काे दोषी माना गया है जहां कोर्ट की ओर से तीनाें मुजरिमाें काे दस-दस हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है.

विशिष्ट लोक अभियोजक लादूराम मेवाड़ा ने बताया कि झूपेलाव गांव के केनाराम और उसकी पत्नी शांति देवी के नाम की एक हेक्टेयर जमीन है. 12 सितंबर, 2008 काे जेसीबी व ट्रैक्टर लेकर झूपेलाल गांव का गाेपालसिंह व गुड़ा विश्नाेइयान का पेमाराम व हनुमानराम विश्नाेई घुस गए और अवैध कब्जा करते हुए खड़ी फसल काे नष्ट कर दिया था। केनाराम की ओर से 15 सितंबर 2009 काे शिवपुरा थाने में केस दर्ज कराया था.

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