Kota: कोटा में दशहरा मेला कार्यक्रम के दौरान तिरंगे का अपमान, कांग्रेस का फूटा गुस्सा...उठाया बड़ा कदम
National Flag Insult Kota: कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेला में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां विजयश्री रंगमंच पर 25 अक्टूबर की रात को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का (National Flag Insult Kota) अपमान किया गया। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैटवॉक कार्यक्रम के दौरान तिरंगा उल्टा दिखाया गया।
इस अपमान ने स्थानीय कांग्रेस पार्षदों को गुस्से में ला दिया, जिन्होंने तुरंत इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। तिरंगे का अपमान सहन नहीं किया जाएगा, और कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से लेकर सजा दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी।
कोटा के दशहरा मेले में तिरंगे का उल्टा प्रदर्शन
कांग्रेस के पार्षद इसरार अहमद ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और कोटा में सरकार के इशारे पर मेला आयोजन समिति काम कर रही है। 25 अक्टूबर की रात को 131वां राष्ट्रीय दशहरा मेले के विजयश्री रंगमंच पर कैटवॉक फैशन शो का कार्यक्रम हुआ। मंच पर लगी बड़ी स्क्रीन पर जो फुटेज चलाए गए, उसमें राष्ट्रीय तिरंगा उल्टा दर्शाया गया।
ऐसे करीब 2 घंटे तक राष्ट्रीय ध्वज का विजुअल चला। कार्यक्रम को देखने वाले तमाम अधिकारी, प्रशासनिक हो या पुलिस अधिकारी, कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात थे। मेला आयोजन समिति के पदाधिकारी और नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारी भी वहां मौजूद थे, लेकिन किसी की नजर उस पर नहीं गई। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता रहा।
तिरंगे के अपमान पर कांग्रेस का आक्रोश
2 घंटे तक लोगों ने कार्यक्रम को मोबाइल फोन कैमरों में रिकॉर्ड किया, तो तिरंगा भी उल्टा रिकॉर्ड होता रहा। सोशल मीडिया के जरिए देश-दुनिया तक यह विजुअल पहुंचा है। ऐसे में राष्ट्रीय तिरंगे का अपमान कोटा में ही नहीं, सोशल मीडिया से तमाम जगहों पर हो गया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सरकार और प्रशासन को करवानी चाहिए। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस के पार्षद देवेश तिवारी ने कहा कि कुछ महीने पहले कोटा में एक धार्मिक आयोजन के जुलूस में तिरंगे को लहराया गया, जिस पर कुछ प्रिंट किया हुआ था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो सरकार और प्रशासन ने इस संबंध में कार्रवाई की, जिसके चलते दोषियों को जेल तक पहुंचाया गया। ऐसे में इस मामले में भी सरकार और प्रशासन को निष्पक्ष जांच करते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेसी पार्षद देवेश तिवारी ने कहा कि मेला आयोजन समिति राष्ट्रीय ध्वज मामले में माफी मांगे।