नकली दवाइयों से मौत का खतरा! क्या आप भी इनका सेवन कर रहे हैं? राजस्थान में बड़ा खुलासा!
Drug Control Department: मौसम बदलते ही राजस्थान में बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी हो गई है। जहां पहले दो-तीन दिन में ठीक हो जाने वाला बुखार अब 8 से 10 दिन तक टिकने लगा है, वहीं बुखार के बाद हाथ-पैरों में दर्द और खांसी जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। (Drug Control Department) विशेषज्ञ इस समस्या को दवाओं की खराब गुणवत्ता से जोड़कर देख रहे हैं।
बाजार में नकली दवाइयों की भारी संख्या मौजूद है, जिनकी वजह से मरीजों का इलाज सही से नहीं हो पा रहा और उनका स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ सकता है। इन दवाइयों के इस्तेमाल से दूसरी बीमारियां भी उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। हाल ही में, राजस्थान ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने 7 कंपनियों की 9 दवाइयों के कुछ बैच की बिक्री पर रोक लगा दी है, जिसमें से 4 दवाइयां जांच में नकली पाई गईं और 5 दवाइयां अमानक निकलीं।
7 कंपनियों की 9 दवाइयों की बिक्री पर रोक
राजस्थान के ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 कंपनियों की 9 दवाइयों के कुछ बैच की बिक्री पर रोक लगा दी है। इन दवाइयों में से 4 को जांच में नकली पाया गया, जबकि 5 दवाइयों के सैंपल अमानक पाए गए, जिनमें सॉल्ट की मात्रा सही नहीं थी। इन दवाइयों में एंटी एलर्जी, विटामिन डी-3, कैल्शियम, मानसिक रोगों के इलाज में उपयोग होने वाली गोलियां और खून पतला करने वाले इंजेक्शन शामिल हैं।
अमानक दवाइयों के सैंपल और उनके खतरनाक प्रभाव
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक और राजाराम शर्मा ने जानकारी दी कि नवंबर में टीम ने विभिन्न स्थानों से दवाइयों के सैंपल लिए थे, जिनकी जांच में ये अमानक पाए गए। इनमें हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए दी जाने वाली टेल्मिसर्टन और एम्लोडिपिन वाली दवाइयां, मानसिक रूप से बीमार मरीजों के लिए दी जाने वाली नींद की दवाइयां और खांसी-जुकाम की दवाइयां शामिल हैं। इन दवाइयों का गलत इस्तेमाल मरीजों की स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
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