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Rajasthan ByElection: खींवसर उपचुनाव में किसने दिया हनुमान बेनीवाल को चैलेंज? इस बार हो जाएगा किला धराशायी!

Rajasthan By-Election : राजस्थान की खींवसर विधानसभा उपचुनाव (Rajasthan By-Election :)ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भाजपा ने रेवंतराम डांगा को एक बार फिर से मैदान में उतारने का फैसला किया है, जो इस चुनाव को एक निर्णायक...
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Rajasthan By-Election : राजस्थान की खींवसर विधानसभा उपचुनाव (Rajasthan By-Election :)ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भाजपा ने रेवंतराम डांगा को एक बार फिर से मैदान में उतारने का फैसला किया है, जो इस चुनाव को एक निर्णायक मोड़ देने का आश्वासन दे रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, दांव-पेंच और बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे स्पष्ट हो रहा है कि खींवसर की राजनीति अब विकास के मुद्दों पर केंद्रित होगी।

रेवंतराम डांगा ने अपनी चुनावी रणनीति को स्पष्ट किया है, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार खींवसर में हनुमान बेनीवाल का किला ढह जाएगा। उनका दावा है कि पिछले चुनाव में कुछ कमी रह गई थी, लेकिन इस बार जनता की आवाज विकास के मुद्दों पर केंद्रित होगी, न कि केवल बातें करने पर।

डांगा ने कहा कि चाहे बेनीवाल का परिवार चुनावी मैदान में उतरे, जनता अब स्पष्ट कर चुकी है कि उन्हें विकास चाहिए। भाजपा के उम्मीदवार के रूप में उन्हें जो विश्वास मिला है, वह उस पर खरा उतरने का वादा करते हैं। उनका यह बयान खींवसर की राजनीतिक धारा को एक नया मोड़ देने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां जनता खुद चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

बीजेपी ने रेवंतराम डांगा पर फिर जताया भरोसा

खींवसर उपचुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर रेवंतराम डांगा पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब पार्टी हनुमान बेनीवाल के किले को फतह करने के लिए रणनीति बना रही है। डांगा, जो पहले हनुमान बेनीवाल के करीबी सहयोगी थे, पिछले विधानसभा चुनाव में केवल 2069 वोटों से हार गए थे। उनके नाम पर पार्टी के सभी नेताओं की सहमति पहले दिन से ही बनी हुई थी।

हनुमान बेनीवाल का राजनीतिक सफर

हनुमान बेनीवाल ने 2008 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बनने के बाद निर्दलीय चुनाव जीते। 2018 में उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) का गठन किया और दोनों बार चुनाव जीते। 2019 के उप-चुनाव में उनके भाई नारायण बेनीवाल भी विधायक बने।

रेवंतराम डांगा का राजनीतिक बैकग्राउंड

रेवंतराम डांगा, जो RLP के संस्थापक सदस्य रहे हैं, 2018 में पार्टी के गठन के समय सक्रिय थे। वह तीन बार सरपंच रह चुके हैं और लंबे समय तक हनुमान बेनीवाल के साथ जुड़े रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद उन्हें पार्टी ने दोबारा उम्मीदवार बनाया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी उन्हें खींवसर उपचुनाव में महत्वपूर्ण मान रही है।

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