Rajasthan: मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ गए! गोविंद सिंह डोटासरा ने मदन दिलावर को कहा 'निकृष्ट' मंत्री'
Govind Singh Dotasra: राजस्थान की राजनीति में इस वक्त सोशल मीडिया पर एक तीखी जंग छिड़ी हुई है, जिसमें मुख्य किरदार बने हैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra)और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर।( Rajasthan Politics ) 28 अक्टूबर को डोटासरा की एक एक्स पोस्ट के साथ इस विवाद की शुरुआत हुई, जिसमें उन्होंने दिलावर पर आरोप लगाए कि भर्ती परीक्षा के परिणामों में देरी और शिक्षा विभाग में संघ से जुड़े लोगों की पोस्टिंग में पक्षपात हो रहा है।
इसके जवाब में मंत्री दिलावर ने दो घंटे के भीतर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डोटासरा को पहले आत्ममंथन करना चाहिए और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने जवाब दिया, तो कांग्रेस नेता को मुंह छुपाने की नौबत आ सकती है। यह जुबानी जंग यहीं नहीं रुकी; छोटी दिवाली की रात डोटासरा ने दिलावर को खुली चुनौती देकर इस राजनीतिक संघर्ष को और भी गरमा दिया, जिससे राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है।
'निकृष्ट शिक्षा मंत्री मदन दिलावर मर्यादा लांघ रहे हैं'
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को निकृष्ट शिक्षा मंत्री बताया और आरोप लगाया कि वे मर्यादा की सीमा लांघ रहे हैं।
डोटासरा ने कहा, "राजस्थान के निकृष्ट शिक्षा मंत्री अपने 'पाप' को छिपाने के लिए सफेद झूठ बोलकर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। आए दिन बेतुके बयान, तथ्यहीन एवं निराधार आरोप लगाकर वे प्रदेश को शर्मसार कर रहे हैं।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए न तो किसी पुस्तक का अनुमोदन किया, न ही कोई पुस्तक खरीदने का आदेश दिया, और न ही किसी एजेंसी का चयन किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री को चुनौती दी कि वे इन आरोपों के साक्ष्य राजस्थान की जनता के सामने रखें या अनर्गल आरोप लगाने के लिए माफी मांगें।
बता दें कि 13 को राज्य की सात सीटों पर उपचुनाव होने वाला है। इस बीच, राजस्थान में पूरा चुनावी माहौल बन चुका है, और दोनों ही पार्टियां उपचुनाव में सभी सात सीटों पर जीत का दावा कर रही हैं।
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) October 30, 2024">http://राजस्थान के निकृष्ट शिक्षा मंत्री अपने 'पाप' को छिपाने के लिए सफेद झूठ बोलकर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। आए दिन बेतुके बयान, तथ्यहीन एवं निराधार आरोप लगाकर वो प्रदेश को शर्मसार कर रहे हैं।
मैंने शिक्षा मंत्री रहते हुए ना किसी पुस्तक का अनुमोदन किया, ना कोई पुस्तक…
राजस्थान के निकृष्ट शिक्षा मंत्री अपने 'पाप' को छिपाने के लिए सफेद झूठ बोलकर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। आए दिन बेतुके बयान, तथ्यहीन एवं निराधार आरोप लगाकर वो प्रदेश को शर्मसार कर रहे हैं।
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) October 30, 2024
मैंने शिक्षा मंत्री रहते हुए ना किसी पुस्तक का अनुमोदन किया, ना कोई पुस्तक…
इस जंग की शुरुआत कैसे हुई?
28 अक्टूबर की सुबह 10:46 बजे गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "समग्र शिक्षा के अंतर्गत करीब 1382 पदों के लिए 24 जुलाई से 6 अगस्त तक ऑनलाइन इंटरव्यू आयोजित किए गए, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी परिणाम जारी नहीं हुआ।
ऐसा इसलिए है क्योंकि पर्ची सरकार के शिक्षा मंत्री रिजल्ट रोककर बैठे हैं ताकि वे अपने चहेतों और RSS के लोगों को इन पदों पर बैठाकर शिक्षा का बेड़ागर्क कर सकें। क्या मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग की भ्रष्टाचार भरी कार्यप्रणाली पर संज्ञान लेंगे?"
यह भी पढ़ें: 3 SUV, आलीशान घर, लग्जरी लाइफ..फर्जी SI अंजू शर्मा के कांड देख सब हैरान, पति कर रहा कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी
यह भी पढ़ें: Jodhpur: जोधपुर में गुमशुदा महिला की 4 टुकड़ों में मिली लाश ! गुलामु्द्दीन बहन कहता था, उसने ही कर दी हत्या
.