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Rajasthan By-Elections: BJP की राजनीति का अंधेरा चेहरा...किरोड़ीलाल के भाई को टिकट, सलूंबर में पूर्व विधायक की पत्नी के दागी अतीत का खुलासा!

Rajasthan By-Elections: राजस्थान के उपचुनावों (Rajasthan By-Elections) में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है, जब बीजेपी ने 7 में से 6 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर सबको चौंका दिया। दौसा सीट से मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई...
01:16 PM Oct 20, 2024 IST | Rajesh Singhal

Rajasthan By-Elections: राजस्थान के उपचुनावों (Rajasthan By-Elections) में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है, जब बीजेपी ने 7 में से 6 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर सबको चौंका दिया। दौसा सीट से मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को टिकट देकर पार्टी ने जातीय समीकरणों में बड़ा दांव खेला है।

वहीं, सलूंबर सीट पर दिवंगत विधायक की पत्नी शांता देवी मीना को उम्मीदवार बना कर भावनात्मक लहर पैदा कर दी है। चौरासी सीट पर प्रत्याशी की घोषणा न होने से राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर शुरू हो गया है।

बीजेपी ने दौसा सीट से मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को प्रत्याशी बनाकर दौसा के मतदाताओं में एक खास संदेश देने की कोशिश की है। वहीं, सलूंबर सीट पर दिवंगत विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी शांता देवी मीना को उम्मीदवार बनाकर भावनात्मक जुड़ाव का सहारा लिया है।

इसके अलावा, झुंझुनूं से राजेंद्र भांबू, देवली-उनियारा से पूर्व विधायक राजेंद्र गुर्जर, खींवसर से रेवंत राम डांगा, और रामगढ़ से सुखवंत सिंह को टिकट दिया गया है। चौरासी सीट पर अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है, जिससे यह सीट विशेष ध्यान आकर्षित कर रही है।

बीजेपी की इस घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी इन उपचुनावों को पूरी गंभीरता से ले रही है और अपने प्रत्याशियों के चयन में क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ अनुभव और परिवारवाद जैसे मुद्दों को भी साध रही है।

रामगढ़ उपचुनाव 2024

अलवर जिले की रामगढ़ सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। साल 2008 और 2013 में ज्ञानदेव आहुजा ने इस सीट पर बीजेपी को जीत दिलाई थी। हालांकि, साल 2018 में कांग्रेस की साफिया जुबेर और 2023 में जुबेर खान ने जीत हासिल की। जुबेर खान के निधन के कारण यह सीट खाली हो गई है, और इस बार का चुनाव तय करेगा कि यह सीट किसके कब्जे में जाती है।

झुंझुनूं सीट: बागी भांबू को बनाया उम्मीदवार

झुंझुनूं से बीजेपी ने राजेंद्र भांबू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। भांबू पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा टिकट न मिलने के बाद बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे थे और 42,000 से ज्यादा वोट हासिल किए थे। इस बार पार्टी ने भांबू को टिकट देकर बागियों को साधने की कोशिश की है। भांबू का लगातार चुनावी अनुभव और उनके प्रभाव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें एक बार फिर से झुंझुनूं सीट से लड़ने का मौका दिया है।

दौसा सीट: जगमोहन मीणा को टिकट देकर किरोड़ी लाल मीणा फैक्टर साधा

बीजेपी ने दौसा सीट से मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भाई जगमोहन मीणा को टिकट देकर राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है। इससे पहले, किरोड़ी लाल मीणा ने अपने भाई को टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई थी और इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी। अब पार्टी ने जगमोहन मीणा को उम्मीदवार बनाकर किरोड़ी की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि किरोड़ी लाल मीणा अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं, और पार्टी का समर्थन बरकरार रहेगा।

सलूंबर सीट: सहानुभूति कार्ड खेलते हुए शांता देवी को बनाया उम्मीदवार

बीजेपी ने सलूंबर से दिवंगत विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी शांता देवी को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड खेला है। इससे पहले भी पार्टी ने राजसमंद सीट पर विधायक किरण माहेश्वरी के निधन के बाद उनकी बेटी दीप्ति माहेश्वरी को टिकट देकर इस रणनीति का सफल उपयोग किया था।

शांता देवी वर्तमान में सेमारी की सरपंच हैं और उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाने का फैसला किया। हालांकि, शांता देवी पर उनकी कक्षा 5वीं की फर्जी मार्कशीट को लेकर विवाद भी चल चुका है, जिसके चलते उनके दिवंगत पति अमृतलाल मीणा को तीन साल पहले जेल भी जाना पड़ा था। इस बार भी बीजेपी ने सहानुभूति और पारिवारिक जुड़ाव के आधार पर सलूंबर सीट को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बिश्नोई का बयान

उपचुनावों की गरमी के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बिश्नोई का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने सलमान खान से माफी मांगने की मांग की, क्योंकि बिश्नोई समाज और लॉरेंस विश्नोई काले हिरण के शिकार से आहत हैं। इस बयान का उपचुनावों पर क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।

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