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हरियाणा की हार से कांग्रेस ने लिया सबक! अब अशोक गहलोत और सचिन पायलट को महाराष्ट्र चुनाव में एक साथ उतारा

Maharashtra Assembly Elections 2024: कांग्रेस हाईकमान ने आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2024) के लिए राजस्थान के दो प्रमुख नेताओं, अशोक गहलोत और सचिन पायलट, को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फैसले को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति...
03:37 PM Oct 15, 2024 IST | Rajesh Singhal

Maharashtra Assembly Elections 2024: कांग्रेस हाईकमान ने आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections 2024) के लिए राजस्थान के दो प्रमुख नेताओं, अशोक गहलोत और सचिन पायलट, को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फैसले को पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब हरियाणा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। यह निर्णय कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में सुधार और नए समीकरणों को साधने का एक प्रयास माना जा रहा है।

गहलोत और पायलट को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियां

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मुंबई और कोंकण क्षेत्र का सीनियर पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मराठवाड़ा क्षेत्र की सीनियर पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह दोनों नेता महाराष्ट्र में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, विशेषकर शिवसेना के टूटने और बीजेपी के खिलाफ लड़ाई के मद्देनजर।

हरियाणा में हार से सबक

कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव में हालिया हार के बाद रणनीतिक बदलाव करने की दिशा में यह अहम कदम उठाया है। पार्टी का प्रदर्शन हरियाणा में उम्मीद से कम रहा था, जिससे नेतृत्व में चिंता बढ़ी। अब कांग्रेस ने गहलोत और पायलट जैसे अनुभवी नेताओं को महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में मोर्चा संभालने के लिए चुना है। यह जिम्मेदारी कांग्रेस के लिए न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि इन दोनों नेताओं के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।

गहलोत-पायलट समीकरण पर भी नजर

राजस्थान में गहलोत और पायलट के बीच तनावपूर्ण संबंधों की खबरें लंबे समय से चर्चा में रही हैं। दोनों के बीच के मतभेदों के बावजूद, पार्टी ने उन्हें महत्वपूर्ण चुनावी भूमिकाएं दी हैं। यह कदम इस दृष्टिकोण से देखा जा सकता है कि गहलोत और पायलट को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का मौका दिया जाए ताकि पार्टी में आंतरिक संतुलन बना रहे।

महाराष्ट्र चुनाव में कांग्रेस की रणनीति

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। राज्य में बीजेपी और एनसीपी-शिवसेना गठबंधन के बीच खींचतान के बीच, गहलोत का संगठनात्मक कौशल और पायलट की युवा नेतृत्व क्षमता कांग्रेस की चुनावी रणनीति को मजबूती दे सकती है। इस बार कांग्रेस अपनी स्थिति को मजबूत करने और बीजेपी के खिलाफ विपक्षी मोर्चे को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। हरियाणा चुनाव की हार से सबक लेते हुए कांग्रेस अब महाराष्ट्र में नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी कर रही है, और गहलोत-पायलट की नियुक्तियां इस बात का स्पष्ट संकेत हैं।

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