Rajasthan: तबादलों पर लगी रोक हटी? वायरल आदेश के पीछे की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे!
Fake Transfer Order in Rajasthan: प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में तबादलों पर लगी रोक हटने को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई मंत्रियों ने तबादलों पर लगी रोक हटाने की जोरदार वकालत की। इसी बीच गुरुवार को सोशल मीडिया पर तबादलों से रोक हटाने का एक फर्जी आदेश वायरल हो गया(Fake Transfer Order in Rajasthan), जिससे सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। यह आदेश फरवरी में जारी एक पुराने आदेश को एडिट करके फैलाया गया है, जिसे सरकार ने फर्जी करार देते हुए खंडन किया है।
कैसे हुआ फर्जी आदेश वायरल?
सोशल मीडिया पर तबादलों पर प्रतिबंध हटाने का जो फर्जी आदेश वायरल हुआ, उसमें 16 अक्टूबर तक के लिए रोक हटाने की बात कही गई थी। यह फर्जी आदेश प्रशासनिक सुधार विभाग के पूर्व सचिव राजन विशाल के नाम से जारी किया गया, जबकि वर्तमान में इस पद पर IAS उर्मिला राजोरिया ने कार्यभार संभाला हुआ है।
दरअसल, यह आदेश फरवरी में जारी किए गए मूल आदेश को एडिट करके तैयार किया गया और कर्मचारियों के समूहों में वायरल कर दिया गया। जब से यह फर्जी आदेश वायरल हुआ, तब से कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। प्रशासनिक सुधार विभाग की सचिव उर्मिला राजोरिया ने इस फर्जी आदेश का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि तबादलों पर प्रतिबंध हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
फर्जी तबादला आदेश
सरकार ने इस फर्जी तबादला आदेश को खारिज करते हुए कहा है कि कर्मचारियों को भ्रमित करने वाले ऐसे किसी भी आदेश पर विश्वास नहीं करना चाहिए। विभाग ने साफ किया है कि तबादलों पर लगी रोक को हटाने से जुड़ा कोई नया निर्णय नहीं लिया गया है और यह वायरल आदेश पूरी तरह फर्जी है।
फरवरी में जारी आदेश को एडिट कर फैलाए गए इस फर्जी आदेश ने कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी। सरकार ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही विश्वास करें और फर्जी सूचनाओं से बचें।
यह भी पढ़ें:Bhilwara: इंस्टाग्राम पर दोस्ती...कैफे में ले जाकर रेप ! भीलवाड़ा में रेप-मारपीट का क्रॉस केस
यह भी पढ़ें:"ZUDIO" शोरूम के साथ राजेंद्र विजय का भव्य टोंक रोड निवास...क्या है इसकी कहानी?