Rajasthan By-Election 2024: देवली-उनियारा में होगा बड़ा खेला! नरेश मीणा ने किया निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान
Rajasthan By-Election 2024: राजस्थान की राजनीति में देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव 2024 ने नया (Rajasthan By-Election 2024 ) राजनीतिक मोड़ ले लिया है। कांग्रेस पार्टी के युवा नेता नरेश मीणा, जो पार्टी की ओर से टिकट की मांग कर रहे थे, ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। जयपुर में आज सुबह आयोजित एक कार्यक्रम में समर्थकों के बीच नरेश मीणा ने इस निर्णय की घोषणा की।
मीणा का निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान
उनके इस कदम को कांग्रेस के लिए चुनौती और देवली-उनियारा के राजनीतिक समीकरण में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ने देवली-उनियारा सीट से केसी मीणा को अपना उम्मीदवार घोषित किया, जिससे नाराज होकर नरेश मीणा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। हाल ही में नरेश मीणा ने चुनाव न लड़ने की बात भी कही थी, लेकिन समर्थकों के दबाव और क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
राजनीतिक हलचल और क्षेत्रीय प्रभाव
उनके इस फैसले से कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों में हलचल मच गई है। नरेश मीणा के इस कदम को क्षेत्र में मीणा और गुर्जर समुदाय के प्रभाव के संदर्भ में देखा जा रहा है, जो देवली-उनियारा के चुनावी समीकरण को नए सिरे से प्रभावित कर सकता है।
आखिरी दिन पर नामांकन के लिए पहुंचे देवली
शुक्रवार को नामांकन का आखिरी दिन होने के कारण नरेश मीणा तुरंत जयपुर से देवली के लिए रवाना हो गए। नामांकन से पहले मीणा ने कहा कि उनकी हनुमान बेनीवाल, राजकुमार रोत और रविंद्र सिंह भाटी से बातचीत हो गई है। इन नेताओं ने देवली-उनियारा सीट पर उनके समर्थन में प्रचार करने का आश्वासन दिया है, जिसमें हनुमान बेनीवाल खुद सभा करने भी आएंगे।
देवली-उनियारा: मीणा और गुर्जर समुदायों का प्रभाव
देवली-उनियारा सीट मीणा और गुर्जर समुदायों का प्रभाव रखने वाली प्रमुख सीट है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में हरीश मीणा के टोंक से सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके चलते 13 नवंबर को उपचुनाव आयोजित किया जा रहा है। नरेश मीणा के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है।
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