Rashtrapati Bhavan: सोनिया गांधी की टिप्पणी पर राष्ट्रपति भवन की कड़ी प्रतिक्रिया, भाजपा का भी पलटवार
Rashtrapati Murmu: राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की उस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Rashtrapati Bhavan) को "बेचारी" कहा था। सोनिया गांधी ने यह टिप्पणी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान की।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, "कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियां अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अनुचित और बचने योग्य थीं। इससे उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंची है, जो कि अस्वीकार्य है।"
राष्ट्रपति भवन का खंडन
राष्ट्रपति भवन ने बिना नाम लिए सोनिया गांधी की टिप्पणी का खंडन किया और स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति किसी भी समय थकी हुई नहीं थीं। बयान में कहा गया, "कुछ नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति अंत में बहुत थक गई थीं और वे मुश्किल से बोल पा रही थीं। राष्ट्रपति भवन स्पष्ट करना चाहता है कि यह पूरी तरह गलत है। राष्ट्रपति कभी भी थकी नहीं थीं। वास्तव में, उनका मानना है कि हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए आवाज उठाना कभी भी थकाने वाला नहीं हो सकता।"
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
इस विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस टिप्पणी को "गंभीर अपमान" बताते हुए कहा कि यह केवल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ही नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस का शाही परिवार देखिए, उसने एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाली राष्ट्रपति का अपमान किया। कांग्रेस उन सभी का अपमान करती है जो गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग से आगे बढ़ते हैं।"
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सोनिया गांधी के बयान की निंदा करते हुए कहा, "पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति के लिए 'बेचारी' शब्द का प्रयोग अत्यंत अपमानजनक है और यह विपक्ष की सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति निरंतर अवहेलना को दर्शाता है।"
कांग्रेस का बचाव
हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी का बचाव करते हुए भाजपा और मीडिया पर उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "हमारी पार्टी हमेशा राष्ट्रपति पद की गरिमा का सम्मान करती रही है। अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति से ध्यान हटाने के लिए भाजपा नेता और मीडिया सोनिया गांधी के शब्दों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रपति का असली अपमान तब हुआ जब मोदी सरकार ने उन्हें नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया। भाजपा ने जानबूझकर वर्तमान राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लोकतंत्र के मंदिर और राम मंदिर दोनों से दूर रखा।"
प्रियंका गांधी का बयान
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी मां का बचाव करते हुए कहा कि सोनिया गांधी के बयान को मीडिया द्वारा गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, "मेरी मां 78 साल की हैं। उन्होंने केवल यह कहा कि 'राष्ट्रपति को इतना लंबा भाषण पढ़कर थकान महसूस हुई होगी, बेचारी।' वह पूरी तरह से राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया ने इस बात को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।"
उन्होंने आगे कहा, "वे दोनों (राष्ट्रपति और सोनिया गांधी) हमारे सम्मानित नेता हैं और हमसे बड़े हैं। यह स्पष्ट है कि उनका कोई भी अपमान करने का इरादा नहीं था।" यह विवाद फिलहाल राजनीतिक गलियारों में गर्म बना हुआ है और भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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