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Manipur Violence: जिरीबाम सहित 5 जिलों में फिर से लागू हुआ AFSPA, रुकने का नाम नहीं ले रहा तनाव

Manipur Violence: मणिपुर में हुए ताज़ा हिंसा के मद्देनज़र, केंद्र सरकार ने राज्य के 5 जिलों के 6 पुलिस थाना क्षेत्रों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम (AFSPA) को पुनः लागू करने का आदेश दिया है। इन क्षेत्रों में हिंसा...
04:53 PM Nov 14, 2024 IST | Ritu Shaw

Manipur Violence: मणिपुर में हुए ताज़ा हिंसा के मद्देनज़र, केंद्र सरकार ने राज्य के 5 जिलों के 6 पुलिस थाना क्षेत्रों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम (AFSPA) को पुनः लागू करने का आदेश दिया है। इन क्षेत्रों में हिंसा प्रभावित जिलों में से एक, जिरीबाम भी शामिल है।

गृह मंत्रालय ने यह जानकारी गुरुवार को जारी की, जिसके अनुसार, केंद्र ने मणिपुर के 5 जिलों - इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, जिरीबाम, कांगपोकपी और बिष्णुपुर के 6 पुलिस थाना क्षेत्रों को AFSPA के तहत "अशांत क्षेत्र" घोषित किया है। जिन पुलिस थाना क्षेत्रों में AFSPA को फिर से लागू किया गया है, उनमें इंफाल वेस्ट जिले के सेक्माई और लामसांग, इंफाल ईस्ट जिले का लामलाई, जिरीबाम जिले का जिरीबाम, कांगपोकपी जिले का लेमाखोंग और बिष्णुपुर जिले का मोइरंग शामिल हैं।

मणिपुर के हालात

केंद्र ने 1 अक्टूबर, 2024 से शुरू होने वाले छह महीने की अवधि के लिए AFSPA अधिसूचना से इन क्षेत्रों को बाहर रखा था। यह छूट विशेष रूप से इंफाल घाटी के 19 पुलिस थाना क्षेत्रों के लिए थी, जिन्हें उनकी तुलनात्मक स्थिर स्थिति के कारण अधिनियम से मुक्त किया गया था।

जिरीबाम में मुठभेड़

पिछले सप्ताह जिरीबाम में एक महत्वपूर्ण मुठभेड़ के बाद इन छह पुलिस थाना क्षेत्रों को पुनः AFSPA में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इस मुठभेड़ में 11 संदिग्ध उग्रवादियों की मौत हुई, जो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के साथ संघर्ष में शामिल थे।

यह मुठभेड़ 11 नवंबर को जिरीबाम के बोरबेक्रा उप-मंडल के जाकुराडोर करोंग इलाके में हुई, जहाँ भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों ने बोरबेक्रा पुलिस स्टेशन और पास के CRPF कैंप पर हमला किया। उग्रवादियों ने कैमोफ्लेज पहने हुए थे और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की और बाद में पास के बाजार क्षेत्र में कई दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया।

इसके एक दिन बाद, इसी जिले से छह नागरिकों, जिनमें महिलाएँ और बच्चे शामिल थे, उनको सशस्त्र उग्रवादियों ने अगवा कर लिया। इस हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने जिरीबाम में कर्फ्यू लगा दिया ताकि आगे की हिंसा को रोका जा सके।

पिछले साल से चल रहा तनाव

मणिपुर में यह घटना चल रहे जातीय तनाव का हिस्सा है, जो मई 2023 से बढ़ गया है। यह तनाव विशेष रूप से मणिपुर की मैतेई समुदाय और कुकी (जनजातियों) के बीच के संघर्षों के कारण है। इस अशांति में अब तक कम से कम 237 लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

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