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India Us Trade: अमेरिका रवाना हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, व्यापार वार्ता पर यात्रा केंद्रित

India Us Trade: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को अचानक अमेरिका के लिए रवाना हो गए, जहां वे व्यापार वार्ता के लिए उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे।
02:32 PM Mar 03, 2025 IST | Ritu Shaw

India Us Trade: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को अचानक अमेरिका के लिए रवाना हो गए, जहां वे व्यापार वार्ता के लिए उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित प्रतिपूरक शुल्क (Reciprocal Tariffs) अप्रैल में लागू होने वाले हैं।

व्यापार वार्ता की अहमियत

पीयूष गोयल का यह दौरा पहले से तय बैठकों के रद्द होने के बाद तय किया गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, उनका कार्यक्रम 8 मार्च तक खाली रखा गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वार्ता के लिए पर्याप्त समय निर्धारित किया गया है। गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता जताई थी।

ट्रंप के शुल्क प्रस्ताव से भारतीय व्यापार को खतरा

अमेरिका द्वारा प्रस्तावित प्रतिपूरक शुल्क से भारतीय निर्यातकों में चिंता बढ़ गई है, खासकर ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे क्षेत्रों में। सिटी रिसर्च के विश्लेषकों का अनुमान है कि इन शुल्कों से भारत को वार्षिक रूप से 7 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पीयूष गोयल इस यात्रा के दौरान इन प्रस्तावित शुल्कों पर स्पष्टता प्राप्त करने, उनके भारत पर संभावित प्रभाव का आकलन करने, और शुल्क कम करने हेतु संभावित रियायतों पर चर्चा करने के उद्देश्य से गए हैं।

भारत ने पहले ही किए हैं कुछ शुल्कों में कटौती

भारत औद्योगिक वस्तुओं जैसे ऑटोमोबाइल और रसायनों पर शुल्क कम करने को लेकर वार्ता करने के लिए तैयार है, लेकिन कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाने के अमेरिकी दबाव का विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे लाखों किसानों को नुकसान हो सकता है।

व्यापार तनाव कम करने के लिए भारत ने कुछ वस्तुओं पर शुल्क कम करने की दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, उच्च स्तरीय मोटरसाइकिलों पर शुल्क 50% से घटाकर 30% कर दिया गया है और बोर्बन व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटाकर 100% कर दिया गया है। इसके अलावा, भारत अन्य शुल्कों की समीक्षा करने, ऊर्जा आयात बढ़ाने और अमेरिका से अधिक रक्षा उपकरण खरीदने का वादा कर चुका है।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंध

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और दोनों देशों के बीच माल व्यापार वर्ष-दर-वर्ष 8% की दर से बढ़ रहा है। जनवरी तक के दस महीनों में यह 106 अरब डॉलर को पार कर चुका है, जिसमें भारत को व्यापार अधिशेष हासिल हुआ है। हालांकि, रसायन, धातु, आभूषण और खाद्य उत्पाद जैसे क्षेत्र अमेरिकी शुल्क के कारण सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

अगर अमेरिका अपने प्रतिपूरक शुल्कों का विस्तार कृषि उत्पादों तक करता है, तो भारत के समुद्री खाद्य और डेयरी उत्पादों के निर्यात को गंभीर झटका लग सकता है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन उत्पादों पर शुल्कों में लगभग 40% तक का अंतर हो सकता है।

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