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Arvind Kejriwal Bail: अरविंद केजरीवाल को 40 दिन बाद SC से अंतरिम जमानत, 1 जून तक चुनाव प्रचार में आएंगे नज़र...

Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के बीच आम आदमी पार्टी के लिए एक राहत वाली खबर सामने आई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सर्वे सर्वा अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन बाद...
06:32 PM May 10, 2024 IST | Bodhyani Sharma

Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 के बीच आम आदमी पार्टी के लिए एक राहत वाली खबर सामने आई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सर्वे सर्वा अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन बाद 1 जून तक की अंतरिम जमानत दे दी है। इसके बाद राजनीति में भी नया भूचाल देखने को मिल रहा है। उन्हें दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में ईडी ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। हालांकि इस जमानत के विरोध में ईडी ने अपनी दलीलें दी थीं लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे नहीं माना और अरविंद केजरीवाल को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी।

22 दिन की जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा

दिल्ली सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को 10 मई से लेकर 1 जून तक की अंतरिम जमानत दी गई है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये सामान्य स्थिति नहीं है। अगर देश में लोकसभा चुनाव नहीं चल रहे होते तो जमानत पर विचार भी शायद ही किया जाता। तब शायद जमानत पर कोई सवाल या सुनवाई भी नहीं होती। इसे लेकर जस्टिस दीपांकर दत्ता और संजीव खन्ना ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जनता के चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। तब जबकि देश में आम चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में जनता के प्रतिनिधि अरविंद केजरीवाल को जमानत दिए जाने का यह भी एक बड़ा आधार बनता है। साथ ही वो आदतन अपराधी भी नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त दी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को राहत के तौर पर आंतरिम जमानत देते समय शर्त भी रखी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतरिम जमानत के समय में अरविंद केजरीवाल किसी भी सरकारी काम में कोई दखल नहीं देना है। इसके अलावा किसी भी तरह का आधिकारिक कार्य करने से भी सुप्रीम कोर्ट ने मनाही की है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो इससे हितों का टकराव होने की संभावना बनती है जो ठीक नहीं होगा। अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय में भी प्रवेश नहीं कर पाएंगे और किसी भी सरकारी कागज़ पर साइन नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह या सुबूतों से संपर्क नहीं कर पाएंगे।

इस मामले में अभी जारी रहेगी सुनवाई

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की गिफ़्तारी के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि  केजरीवाल की गिफ़्तारी के मामले में अभी भी सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट ने इसमें कहा कि कोर्ट कोशिश करेगी कि ग्रीष्म कालीन अवकाश से पहले उसमें भी फैसला सुनाया जा सके। अरविंद केजरीवाल ने गिफ़्तारी के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज की थी।

केजरीवाल - ईडी को देंगे पल - पल की खबर

अरविंद केजरीवाल की अन्तरिम जमानत को लेकर शर्तों की बात पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन शर्तों पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को जमानत दी गयी वो सारे नियम और शर्तें अरविंद केजरीवाल के लिए भी लागू होती हैं। इन शर्तों में अरविंद केजरीवाल देश छोड़ कर कहीं नहीं जा सकते और उन्हें अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करना होगा। इसके अलावा दिल्ली आबकारी नीति यानि शराब नीति मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे या उस बारे में कोई भी बयान नहीं दे सकेंगे। दिल्ली से बाहर जाने पर जांच एजेंसी यानि ईडी को अपनी लाइव लोकेशन भेजनी होगी। दिल्ली छोड़ने से पहले पूरी यात्रा कार्यक्रम का ब्यौरा देना होगा। अपने मोबाइल नंबर भी ईडी से सांझा करने होंगे।

ईडी की जमानत के खिलाफ दी गई दलीलें

अरविंद केजरीवाल की जमानत के विरोध में ईडी ने अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखा था। ईडी ने कहा कि नेताओं के अलग कैटेगरी बनाना ठीक नहीं होगा। अभी देश भर में 5 हज़ार सांसद ऐसे हैं जिन पर अलग-अलग मामलों में केस चल रहे हैं, क्या कोर्ट इन सभी को जमानत पर रिहा करेगी। आम नागरिक पर इसकी छवि ठीक नहीं बनेगी। राजनेताओं के लिए अलग कैटेगरी नहीं बननी चाहिए। लोकसभा चुनाव वाली बात के लिए ईडी ने कहा कि अगर कोई किसान है और बुवाई का सीजन है तो क्या उसे भी जमानत दी जानी चाहिए? इन सभी दलीलों के बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए अरविंद केजरीवाल की अन्तरिम जमानत मंजूर की गयी।

केजरीवाल की गिफ़्तारी पर कोई फर्क नहीं पड़ता अगर...

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से 5 जून तक जमानत मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि हमें कोई साझा रेखा नहीं खींचनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पहले या बाद में गिरफ्तार किया जा सकता था। अब 21 दिन इधर-उधर से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जब मामला 2022 में दर्ज किया गया था तो पहले गिफ़्तारी या इसको लेकर कार्यवाही क्यों नहीं की गयी? इस पूरे दौरान यानि डेढ़ साल तक ईडी ने कार्यवाही क्यों नहीं की।

ऐसे होती है जमानत की तैयारियां

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत के आदेश मिलने के बाद नियमों के तहत कार्यवाही होती है और उसके बाद अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ जाएंगे। अब सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट का आदेश ट्रायल कोर्ट को भेजा जाएगा जिसके बाद ट्रायल कोर्ट से रिहाई का आदेश तिहाड़ जेल प्रशासन को भेजा जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब ट्रायल कोर्ट का आदेश तिहाड़ जाता है तो रिहाई पत्र वहां पहुंचने में दो घंटे लगते हैं। अगर आज ट्रायल कोर्ट से रिहाई का आदेश तय समय पर तिहाड़ पहुंच गया तो दो घंटे की प्रक्रिया के बाद केजरीवाल रिहा हो जाएंगे। तिहाड़ जेल में रोजाना मिलने वाले सभी रिहाई आदेशों का निपटारा करीब 2 घंटे में कर दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ जाएंगे। हालांकि अब इसको लेकर तैयारियां तेज़ कर दी गयी है और अरविंद केजरीवाल की पत्नी तिहाड़ जेल के लिए रवाना हो चुकी हैं। अभी अरविंद केजरीवाल को 50 हज़ार की जमानत राशि का बॉन्ड भी भरना होगा।

आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में जश्न

दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के मुख्यालय और अन्य पार्टी कार्यालयों में पार्टी और केजरीवाल समर्थक और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी की तरफ से नेताओं ने एक प्रेस कॉफ्रेंस कर इसकी जानकारी मीडिया से सांझा की और अपनी खुशी जाहिर की। आप नेताओं ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया और कहा कि वो एक जरूरी उद्देश्य के लिए जनता के बीच फिर से आ रहे हैं। केजरीवाल की पत्नी ने कहा कि लोकतंत्र इससे मजबूत होगा और ये सब अरविंद केजरीवाल के समर्थकों और उनकी प्रार्थनाओं से संभव हो पाया है। इसके अलावा तिहाड़ जेल के बाहर अरविंद केजरीवाल को देखने के लिए समर्थकों की भीड़ जुट गयी है। वहां मिठाईयां बांट कर समर्थक खुशियां मना रहे हैं।

केजरीवाल की जमानत पर किसने क्या कहा?

सीएम अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत की खबर जैसे ही आई, वैसे ही उनके पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले पर सवाल पूछे जाने पर बस इतना कहा कि उन्होंने अभी तक कोर्ट का फैसला पढ़ा नहीं है। वहीं, आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की जमानत सच्चाई की जीत का प्रतीक है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद भी आतिशी ने किया और कहा कि वो उम्मीद कर रही है कि जैसे ही केजरीवाल जेल से बाहर आएंगे, वो जनता से अपनी बात कहेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे।

ईडी और भाजपा केंद्र सरकार के चेहरे पर करारा तमाचा: वृन्दा करात

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यानि सीपीआई की नेता वृंदा करात ने अरविंद केजरीवाल की जमानत पर बयान देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी और भाजपा की केंद्र सरकार के चेहरे पर करारा तमाचा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सभी जगह स्वागत हो रहा है और मैं भी इसका स्वागत करती हूं। केंद्र सरकार ने विपक्ष के विरुद्ध एजेंसियों और ईडी का इस्तेमाल किया है।

अब नई नेते के तहत होगा प्रचार

आम आदमी पार्टी के मुख्य नेता अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत की खबर के बाद पार्टी ने लोकसभा में चुनाव प्रचार को लेकर अपनी रणनीति बदलने की शुरुआत कर दी है। वर्तमान में पार्टी की तरफ से चल रही संकल्प सभाओं को पार्टी ने अभी के लिए रद्द कर दिया है। अब अरविंद केजरीवाल से चर्चा के बाद उन्हें चुनाव प्रचार में शामिल रखते हुए नई नीति बनाई जाएगी जिसकी घोषणा भी पार्टी जल्दी ही करने वाली है। अभी के लिए पहले की सारी नीतियों पर विचार और परामर्श चल रहा है।

संजय निरूपम ने कहा केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से दें इस्तीफा

हाल ही कांग्रेस का हाथ छोड़ कर शिव सेना के भगवा रंग में रंगने वाले संजय निरूपम ने सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "अरविंद केजरीवाल को अंतरिम ज़मानत मिल गई है। एक जून तक। चुनाव प्रचार में कूदने से पहले अगर उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है तो सर्वप्रथम मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दें। घोटाले का एक अभियुक्त, जेल की सज़ा काट रहा और ज़मानत पर बाहर निकला व्यक्ति संवैधानिक पद पर रह ही नहीं सकता। संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देकर नैतिकता का नाश न करें।"

तिहाड़ पहुंचे भगवंत मान

आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान भी अरविंद केजरीवाल से मिलने और उनके स्वागत के लिए तिहाड़ जेल पहुंच गए। वहां पहले से आप के समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। केजरीवाल की पत्नी और उनकी बेटी भी तिहाड़ जेल पहुंचे। आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं ने भी तिहाड़ जेल का रुख किया। सबको उम्मीद थी कि अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आते ही समर्थकों और मीडिया को संबोधित करेंगे।

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