Stomach Paralysis: डायबिटीज और वजन घटाने वाली दवाओं से पेट के लकवे का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा
Stomach Paralysis: यदि आप भी डायबिटीज या वजन घटाने के लिए किसी दवा का प्रयोग कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। ऐसी कुछ दवाएं जो डायबिटीज में दी जाती है अथवा वजन घटाने के लिए उपयोग की जाती है, उससे पेट के लकवे (Stomach Paralysis) का खतरा जुड़ा हुआ है।
नए अध्ययनों से पता चला है कि ओज़ेम्पिक और वेगोवी जैसी लोकप्रिय डायबिटीज और वजन घटाने की दवाओं का पेट के पक्षाघात (Stomach Paralysis) से सीधा संबंध है। वेगोवी को वजन घटाने के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) द्वारा अनुमोदित किया गया है, जबकि ओज़ेम्पिक एक ऐसी दवा है जो टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों का मैनेज करने में मदद करती है।
वेगोवी और ओज़ेम्पिक दोनों ही प्रोटीन सेमाग्लूटाइड युक्त इंजेक्शन हैं, जो हार्मोन ग्लूकागन-जैसे पेप्टाइड-1 (जीएलपी-1) के समान है। भोजन के बाद शरीर में जीएलपी-1 की मुख्य क्रियाओं में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देना शामिल है।
क्या है स्टमक पैरालिसिस
पेट का पक्षाघात, जिसे गैस्ट्रोपेरेसिस के रूप में जाना जाता है, एक ऐसी स्थिति है जहां पेट की मांसपेशियां ठीक से सिकुड़ने में असमर्थ होती हैं, जिससे गैस्ट्रिक खाली होने में देरी होती है। इसके परिणामस्वरूप मतली, उल्टी, सूजन और थोड़ी मात्रा में खाने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गैस्ट्रोपेरेसिस डायबिटीज, सर्जरी, कुछ दवाओं या ऐसी स्थितियों के कारण हो सकता है जो पेट की मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली वेगस तंत्रिका को नुकसान पहुंचाती हैं।
कब सामने आया अध्ययन
अध्ययन के निष्कर्ष 18 से 21 मई तक वाशिंगटन डीसी, अमेरिका में आयोजित 'डायजेशन डिजीज वीक 2024' में प्रस्तुत किए गए। कैनसस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं सहित अन्य शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इन अध्ययनों में से एक ने डायबिटीज या मोटापे से पीड़ित 1.85 लाख रोगियों की पहचान की, जिन्हें 1 दिसंबर, 2021 और 30 नवंबर, 2022 के बीच जीएलपी -1 एनालॉग्स निर्धारित किए गए थे।
इनमे से लगभग 0.53 प्रतिशत रोगियों में गैस्ट्रोपेरेसिस विकसित पाया गया। अनुसंधान टीम का अनुमान है कि इस स्थिति का खतरा 66 प्रतिशत तक बढ़ गया। वहीं 0.55 प्रतिशत रोगियों में कोलेसीस्टाइटिस (गॉल ब्लैडर की सूजन) देखी गई, जिससे इस स्थिति के विकसित होने का जोखिम 28 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
अध्ययन के लेखकों ने यह भी पाया कि जीएलपी-1 एनालॉग-निर्धारित रोगियों में से 0.04 प्रतिशत ने दवा-प्रेरित पैंक्रियास विकसित किया और अनुमान लगाया कि इस स्थिति का अनुभव करने का जोखिम 350 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है।
कुछ लोगों में उलटी की शिकायत हुई
शोधकर्ताओं में यह भी पाया कि 9 प्रतिशत रोगियों में मतली और उल्टी की काफी अधिक घटना देखी गई, जबकि उनमें से 7.5 प्रतिशत में गैस्ट्रो-एसोफेजियल रिफ्लक्स रोग की अधिक घटना देखी गई। एक ऐसी स्थिति जिसमें पेट का खाना ऊपर की ओर बढ़ जाता है।
परिणामों से पता चला कि डायबिटीज और मोटापे के रोगियों में जीएलपी-1 एगोनिस्ट का उपयोग जीआई दुष्प्रभावों से जुड़ा है, जिसमें मतली, उल्टी, गैस्ट्रोपेरेसिस, दवा-प्रेरित पैंक्रियास, कोलेसिस्टिटिस और ऊपरी-एंडोस्कोपी की आवश्यकता शामिल है।
क्या स्थिति है भारत में
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वेगोवी और ओज़ेम्पिक, दोनों में सेमाग्लूटाइड होता है, भारत में मुख्य रूप से बड़े केमिस्टों के माध्यम से उपलब्ध हैं जो आयातित दवाओं का स्टॉक करते हैं। ओज़ेम्पिक का उपयोग डायबिटीज के लिए किया जाता है, जबकि वेगोवी को वजन घटाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। दोनों दवाओं के लिए प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता होती है। ओज़ेम्पिक की कीमत लगभग ₹20,000 प्रति इंजेक्शन है, जो साप्ताहिक रूप से दी जाती है, और वेगोवी का उपयोग आमतौर पर मोटापे के इलाज के लिए उच्च खुराक में किया जाता है।
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