मारा गया इजरायल का सबसे बड़ा दुश्मन, सेना ने दो दिन में हमास के सबसे बड़े दो लीडर को किया ढेर
इजरायली सेना ने गुरुवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि हमास के सैन्य प्रमुख मोहम्मद दाइफ को मारा जा चुका है। इजरायल के मुताबिक दाइफ को पिछले महीने यानी जुलाई में गाजा के दक्षिणी क्षेत्र खान यूनिस में एक हमले में मार गिराया गया था। गौरतलब है कि इजरायल ने दाइफ को मार गिराने की पुष्टि तेहरान में हमास प्रमुख इस्माइल हनीयेह की हत्या के एक दिन बाद की है। हनीयेह की मौत की घोषणा ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और हमास ने की थी।
इजरायल ने एक सैन्य बयान जारी कर कहा कि "आईडीएफ (इजरायली सेना) घोषणा करती है कि 13 जुलाई, 2024 को आईडीएफ लड़ाकू विमानों ने खान यूनिस के क्षेत्र में हमला किया था। खुफिया आकलन के बाद, यह पुष्टि कर सकते हैं कि उस हमले में मोहम्मद दाइफ मारा गया।" सेना ने कहा कि दाइफ गाजा में हमास के प्रमुख याह्या सिनवार के साथ काम करता था। इस बयान में कहा गया है, "युद्ध के दौरान, दाइफ ने हमास की सैन्य शाखा के वरिष्ठ सदस्यों को निर्देश जारी कर गाजा पट्टी में हमास की आतंकवादी गतिविधि की कमान संभाली थी और उसने पिछले कुछ वर्षों में इजराइलके खिलाफ़ कई हमले किए थे।"
स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी थी सूचना
गौरतलब है कि हमास द्वारा संचालित गाजा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने 13 जुलाई को हमले के समय कहा था कि इसमें 90 से अधिक लोग मारे गए हैं। लेकिन हमास ने इस बात से इनकार किया कि उनमें दाइफ भी शामिल था। बताया जा रहा है कि जिस घर में दाइफ की मौजूदगी का संदेह था, उसके आसपास 2,000 पाउंड (900 किलोग्राम) का बम रखा गया था, जिसके धमाके से वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। हमले में दाइफ के साथ उसका एक सहायक भी मारा गया है।
गौरतलब है कि हमास की सशस्त्र शाखा, एज़ेदीन अल-क़स्साम ब्रिगेड का प्रमुख, दाइफ लगभग तीन दशकों से इजराइल के सबसे वांछित अपराधियों में से एक था और 2015 से अमेरिका की "अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों" की सूची में भी शामिल था।
इजरायल पर हमास के हमले के दौरान आतंकवादियों ने 251 लोगों को भी पकड़ लिया था। इनमें से 111 लोग अभी भी गाजा में बंदी हैं। इजराइली सेना का दावा है कि इनमें से 39 लोग मारे जा चुके हैं। जबकि इजराइल का हमास द्वारा संचालित गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, तब से जवाबी सैन्य अभियान में 39,480 लोग मारे गए हैं, हालांकि मंत्रालय ने नागरिकों और आतंकवादियों की मौतों का ब्यौरा नहीं दिया है।