China VS America: ट्रंप की नई टैरिफ नीति पर चीन का पलटवार, कहा – ‘हर युद्ध के लिए तैयार’
China VS America: अमेरिका द्वारा फेंटानाइल मुद्दे को लेकर चीन पर नए टैरिफ लगाने के बाद चीन ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी प्रकार के युद्ध के लिए तैयार है, यदि अमेरिका यही चाहता है तो। वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका को चीन के साथ समानता के आधार पर व्यवहार करना चाहिए।
चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "यदि अमेरिका वास्तव में फेंटानाइल मुद्दे का समाधान चाहता है, तो उसे चीन के साथ बराबरी का व्यवहार करना चाहिए। यदि अमेरिका कोई भी युद्ध चाहता है - चाहे वह टैरिफ युद्ध हो, व्यापार युद्ध हो, या किसी अन्य प्रकार का युद्ध हो, तो हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार हैं।"
इस बीच, चीनी विदेश मंत्रालय ने फेंटानाइल मुद्दे को "कमजोर बहाना" करार देते हुए अमेरिका द्वारा चीनी आयातों पर टैरिफ बढ़ाने की आलोचना की। मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि चीन के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उठाए गए कदम पूरी तरह से वैध और आवश्यक हैं।
प्रवक्ता ने आगे कहा, "फेंटानाइल संकट के लिए अमेरिका खुद जिम्मेदार है, न कि कोई और। अमेरिकी जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण और सद्भावना के तहत, हमने अमेरिका की मदद के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। इसके बावजूद, अमेरिका ने हमारे प्रयासों को मान्यता देने के बजाय, हमें बदनाम करने और चीन पर आरोप लगाने की कोशिश की है। टैरिफ बढ़ाकर चीन पर दबाव डालने और ब्लैकमेल करने की यह नीति अस्वीकार्य है। यह अमेरिका की समस्या का समाधान नहीं करेगी, बल्कि हमारे मादक पदार्थ नियंत्रण संवाद और सहयोग को नुकसान पहुंचाएगी।"
अमेरिका ने लगाए नए टैरिफ, चीन ने दी जवाबी प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने चीनी वस्तुओं पर पहले से लागू 10% टैरिफ के अलावा अतिरिक्त 10% टैरिफ लगा दिए हैं। ये नए टैरिफ मंगलवार को लागू हो गए, जिनमें कनाडा और मेक्सिको से जुड़ी वस्तुएं भी शामिल हैं।
चीन की जवाबी रणनीति
अमेरिका की नई टैरिफ नीति के जवाब में, चीन ने भी कई अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 10% से 15% तक के टैरिफ लगाने की घोषणा की है। चीन के वित्त मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका से आयातित सोयाबीन, मक्का, डेयरी उत्पाद, और बीफ जैसे कृषि उत्पादों पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा।
इसके अलावा, चिकन, गेहूं, मक्का और कपास पर 15% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। केवल टैरिफ ही नहीं, बल्कि चीन ने 25 अमेरिकी कंपनियों पर निर्यात और निवेश प्रतिबंध भी लगाए हैं।
चीन और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों में भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। देखना होगा कि इस व्यापार युद्ध का आगे क्या असर पड़ता है और दोनों देशों के बीच संबंध किस दिशा में जाते हैं।
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