Udaipur: "सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी"! देवराज हत्याकांड आरोपी की बहन ने उठाया सवाल- परिवार का क्या दोष?
Devaraj Murder Case : बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने देशभर में उन परिवारों को राहत दी है, जिनके घर प्रशासन ने आरोपों के आधार पर ध्वस्त कर दिए थे। (Devaraj Murder Case ) इस फैसले ने बुलडोजर न्याय की संवैधानिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन को असंवैधानिक ठहराते हुए इस पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं, जिससे प्रशासनिक ताकत के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाने की कोशिश की गई है। उदयपुर में देवराज हत्याकांड के आरोपी अयान का घर भी इसी कार्रवाई की चपेट में आया था। अयान की बहन रेशमा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई और प्रशासन की कार्रवाई को न केवल अवैध बल्कि निर्दोष परिवारों पर अन्याय बताया।
नगर निगम ने बिना मोहलत के खाली करवाया घर
देवराज हत्याकांड के आरोपी अयान की बहन रेशमा ने बताया कि घटना के बाद सुबह 6 बजे एक नोटिस चस्पा किया गया, जिसे देखते ही समझ आई कि जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। नोटिस चस्पा करने के दो घंटे बाद, पुलिस ने घर खाली करने के आदेश दिए और धमकियाँ भी दीं। उनके अनुसार, नगर निगम के कर्मियों ने बिना मोहलत दिए कई सामान बाहर फेंक दिया और बाकी सामान परिवार को खुद समेटना पड़ा।
परिवार को दोष क्यों? रेशमा का सवाल
रेशमा ने आरोप लगाया कि जो घटना हुई, वह बच्चों के बीच हुई थी, फिर परिवार का क्या दोष था? सुप्रीम कोर्ट ने भी यही टिप्पणी की है कि यदि कार्रवाई करनी हो, तो परिवार को समय दिया जाना चाहिए। रेशमा ने बताया कि उनके किराए के मकान को चुनकर उसे तोड़ा गया, जबकि वहाँ कई अन्य घर भी बिना पट्टे के हैं। उनका सवाल था कि सिर्फ उनके मकान को ही क्यों निशाना बनाया गया?
मकान मालिक और परिवार का क्या दोष था?
रेशमा ने कहा कि जिस मकान में वह किराए पर रह रहे थे, उसमें बुलडोजर कार्रवाई के बाद परिवार को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मकान मालिक का कोई दोष नहीं था, फिर भी उनका घर तोड़ा गया। बुलडोजर की कार्रवाई के बाद से उन्हें कोई और किराए पर मकान देने को भी तैयार नहीं था, डर था कि उनके घर पर भी ऐसी ही कार्रवाई होगी।
छात्र की हत्या के बाद चली बुलडोजर कार्रवाई
16 अगस्त को उदयपुर के भटियानी चौहट्टा स्थित सरकारी स्कूल में 10वीं के छात्र की हत्या के मामले में आरोपी अयान और उसके पिता को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद, उदयपुर में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएँ हुईं और नगर निगम ने अयान के किराए के घर पर बुलडोजर चलाया।