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Jodhpur News : ऑपरेशन ललनटॉप- 2 महीने चरवाहा, मजदूर बन घूमी पुलिस, फिर हुआ बड़ा खुलासा

Jodhpur Police Open Murder Case : जोधपुर। अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून के लंबे हाथ उसे गिरफ्त में ले ही लेते हैं। जोधपुर पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर एक बार फिर यह बात साबित की है। हालांकि...
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Jodhpur Police Open Murder Case : जोधपुर। अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून के लंबे हाथ उसे गिरफ्त में ले ही लेते हैं। जोधपुर पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर एक बार फिर यह बात साबित की है। हालांकि इसके लिए पुलिस को दो महीने तक मशक्कत करनी पड़ी और कभी चरवाहा तो कभी किसान और मजदूर भी बनना पड़ा। मगर, जब आरोपी गिरफ्त में आए तो पता लगा कि यह राजस्थान ही नहीं, कई राज्यों में वारदात कर चुके हैं और आरोपियों का नक्सलियों से भी कनेक्शन रहा है।

12 साल पहले फैक्ट्री के मुनीम का हुआ मर्डर

ब्लाइंड मर्डर का यह मामला करीब 12 साल पुराना है। जोधपुर के फलौदी थाना इलाके में सोनामुखी फैक्ट्री के मुनीम की हत्या हुई थी। इस वारदात के बाद आरोपी डेढ़ लाख की नकदी भी लूट ले गए थे। इसके बाद से ही पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी थी। मगर कामयाबी हाथ नहीं लग रही थी। क्योंकि ना तो आरोपियों का कोई फोटो था और ना ही सीसीटीवी फुटेज। लिहाजा तीनों आरोपियों पर 40-40 हजार का इनाम रखा गया। जिससे इनकी सूचना मिल सके।

पैसे कमाने के लिए फैक्ट्री में बने मजदूर

आईजी विकास कुमार ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए बताया कि तीनों आरोपी बड़ा व्यापार करना चाहते थे। इसके लिए पैसों की जरुरत थी। इसलिए लालदेव, उदय और नरेश ने जोधपुर के खींचन गांव की सोनामुखी फैक्ट्री में बतौर मजदूर काम शुरू किया।

लाखों का लेन-देन देख बिगड़ी नीयत

तीनों मजदूर फैक्ट्री के मुनीम कोजाराम को लाखों का लेन-देन करते देखते थे। इसके चलते उन्होंने मुनीम को भरोसे में लिया और 12 दिसंबर 2012 को शराब पार्टी के बाद नशे में धुत मुनीम की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपियों ने मुनीम की लाश वहीं पर बोरियों के नीचे दबा दी और डेढ़ लाख की नकदी लूटकर फरार हो गए।

पुलिस ने शुरू किया ऑपरेशन ललनटॉप

फैक्ट्री के मुनीम के हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए जोधपुर पुलिस ने ऑपरेशन ललनटॉप शुरू किया। जिसके तहत पुलिस की टीम बिहार, आंध्रप्रदेश, पंजाब में दो महीने तक खाक छानती रहीं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस के जवान कभी चरवाहा बने तो कभी खेतिहर मजदूर।

वेश बदलकर बात की तो पकड़े गए आरोपी

पुलिस वाले किसान, मजदूर और चरवाहे के वेश में संदिग्ध लोगों से बात करते थे। इस बीच एक दिन पुलिस ऐसे ही कुछ संदिग्धों से बात कर रही थी तो तीन युवक सोजत की मेहंदी और फलौदी के सट्टा बाजार पर ज्ञान देने लगे। पुलिस को उनकी फलौदी पर इतनी डीप नॉलेज पर शक हुआ तो उनसे पूछताछ की गई। आखिरकार लालदेव, उदय और नरेश को गिरफ्तार कर लिया गया।

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नक्सलियों के लिए भी काम कर चुके आरोपी

जोधपुर रेंज के 12 पुलिस अधिकारी और जवानों ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार पुलिस की मदद से जब इस वारदात का खुलासा किया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में ही तीनों आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में कई वारदात करना कबूल कर लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों का नक्सलियों से कनेक्शन भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों पर नक्सलियों के लिए वसूली, हत्या करने और हत्या के प्रयास के मुकदमे भी दर्ज हैं।

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